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इसे कहते है ज़हर।एक ऐसे आदमी के विरुद्ध आपके भीतर नफ़रत भर दी गयी है।। Topic India

मैं आपके दिल का हाल जानता हूँ।आप एन आर सी प्रकिया का समर्थन अवैध रूप से देश में घुसे लोगों को पकड़ने के लिए नहीं करते बल्कि एक विशेष वर्ग के लोगो को डिटेंशन सेंटर में डाल देने के आपके ऊलजलूल सपने है।

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ज़रा सोचिये आपके यह सपने क्यों है?इस सपने से आपको क्या हासिल है?आपके पास यह सपना आया कहाँ से?

इन सब सवालों को टटोलिये।सोचिए अगर कोई आदमी डिटेंशन सेंटर में डाल भी दिया जाए तो आपको क्या हासिल है?



इसे कहते है ज़हर।एक ऐसे आदमी के विरुद्ध आपके भीतर नफ़रत भर दी गयी है जिससे आपका कोई ताल्लुक भी नहीं है।



अगर आपके सारे सपने पूरे हो गए तो डिटेंशन सेंटर में कौन लोग डाले जाएंगे?



मैं आपको बताता हूँ कौन लोग डाले जाएंगे।


धार्मिक कट्टर कौन होता है?जिनके पेट भरे होते है।सुबह उठकर दिहाड़ी मज़दूरी को निकले लोग आपने कभी कट्टर देखें है?



आप क्या समझते है,असादुद्दीन ओवेसी एन आर सी में बाहर हो जाएंगे?ज़ाकिर नायक का परिवार एन आर सी में बाहर हो जाएगा?सलमान खान एन आर सी से बाहर होकर डिटेंशन सेंटर जाएंगे?फॉर्च्यूनर कार में घूमने वाले मुस्लिम एन आर सी में बाहर होंगे?और अंत में मैं आपके खिलाफ कहता हूं तो आपको क्या लगता है मैं डिटेंशन सेंटर चला जाऊंगा।



मेरे पास एन आर सी प्रक्रिया असम में मांगे गए दस्तावेज में से आधे दस्तावेज उपलब्ध है जो 1910 के पहले तक का रिकॉर्ड देते है।और मेरे आधे रिश्तेदारों के पास अठारवीं शताब्दी तक के दस्तावेज है।



जितने सम्पन्न मुस्लिम मुझे मिले है उन सब के पास एन आर सी के मांगे सारे दस्तावेज है।उनके बाप दादा सरकारी सेवाओं में थे,वह एक ही शहर कस्बे में रहने वाले जमे जमाए लोग है।



फिर आपके सपनो के डिटेंशन सेंटर में जाएगा कौन?वह जाएगा जो समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा अंतिम व्यक्ति है।जिसे आपकी यह हिन्दू मुस्लिम की कट्टरता से चवन्नी का भी लेना देना नहीं है।वह तो आपके घरों में और फुटपाथ पर बने डिवाइडर की पुताई कर,दिनभर शहर की सड़कों पर ऑटो चला कर शाम में घर लौट अपने बीवी बच्चों का पेट पालने की फिराक में है।



आप किन लोगों को डिटेंशन सेंटर भेजने का सपना देखते है,आपकी सारी इंसानी संवेदनाएं मर गयी क्या?ज़रा कल्पना तो कीजिए आप नफ़रत में कितने अंधे हो गए है।जो लोग बाय चांस उन्हें किसी न किसी धर्म में पैदा होना ही था सो हो गए जिन्हें आपकी कट्टरता से रत्तीभर लेना देना नहीं आप वंचित लोगो से जिनसे पहले व्यवस्था सबकुछ छीन कर बैठी है आप उनसे नागरिकता भी छीन लिए जाने के ज़हरीले सपने देखते है?ज़रा सोचिए तो सही क्या यह लड़ाई हिन्दू मुस्लिम की है या फिर अमीर गरीब की?आप किन लोगों से मिट्टी का अधिकार लेना चाहते है जो गांव कस्बे में रहते है तो भूमिहीन खेतिहर मज़दूर और शहरों में रहते है तो दो कमरे के किराए के घर में।आपको रानू मंडल की गरीबी पर दया आती है, समझ लीजिए रानू मंडल जैसे ही आपके सपनो के डिटेंशन सेंटर में जाएंगे।



अगर यही आपके सपने है तो फिर आप नफ़रत के ज़हर में अंधे हो चुके है जो नितांत संवेदनहीन पुतला रह गया है।



Post From Shadab Salim

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