बेटी को आरती करते देख के शाहिद अफरीदी ने तोड़ा टीवी, सलमान खुर्शीद ने लगाई लताड़ देखें वीडियो, ।। Topic India

बेटी को आरती करते देख के शाहिद अफरीदी ने तोड़ा टीवी, सलमान खुर्शीद ने लगाई लताड़ देखें वीडियो

पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी का एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। शाहिद अफरीदी का यह इंटरव्यू पुराना है, लेकिन मौजूदा समय में पाकिस्तान में हिंदू क्रिकेटरों के उत्पीड़न का मामला ताजा है।

ऐसे में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में शाहिद अफरीदी बताते हैं कि कैसे वह अपनी बेटी को टीवी के सामने आरती करता देख गुस्से में आकर टीवी को तोड़ दिया था

एक पाकिस्तानी टीवी चैनल के विडियो में जब होस्ट निदा ने अफरीदी से उनके गुस्से के बारे में पूछा तो उन्होंने अपने घर का एक वाकया शेयर किया।

ट्विटर वीडियो

अफरीदी ने कहा, ‘मैंने एक बार अपने घर का टीवी गुस्से में आकर तोड़ दिया था। मेरी वाइफ स्टार प्लस पर आने वाली धारावाहिकों को देखा करती थी जो मुझे पसंद नहीं था।’

अफरीदी ने आगे कहा

‘मैं अपनी बेगम से अकसर कहता था कि, की आप अकेले में टीवी देखा करो, बच्चों को ना दिखाया करो। एक बार जब मैं कमरे से बाहर निकला तो मैंने देखा कि मेरी बेटी टीवी के आगे थाली लेकर खड़ी थी और पता नहीं, क्या कर रही थी।

इस पर निदा ने कहा कि उसे आरती करना कहते हैं। अफरीदी ने फिर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘मुझे यह देखकर बेहद गुस्सा आया और मैंने टीवी को दीवार में मारकर तोड़ दिया।’

राइटर सलमान खुर्सीद ने लगाई लताड़

अफरीदी की यह बात सुनकर इस शो में वहां मौजूद दर्शक तालियां बजाते हैं। इसी हँसी को लेकर लाहौर के एक राइटर सलमान खुर्सीद ने अप्पति करते हुवे लिखा

ब्लडी चूतिया। और होस्ट एक ऐसी मूर्ख है, जो अपनी मूर्खतापूर्ण पूर्वाग्रह की चूतिया की पुनरावृत्ति पर हिंसक रूप से हंस रही है।

पाकिस्तान हुआ अपने मकसद मैं कामयाब भारत को मुस्लिम देशों से अलग थलग करने में 57 देशों की OIC ने बुलाई कश्मीर मुद्दे पर बैठेक... ? ।। Topic India

पाकिस्तान हुआ अपने मकसद मैं कामयाब भारत को मुस्लिम देशों से अलग थलग करने में 57 देशों की OIC ने बुलाई कश्मीर मुद्दे पर बैठेक... ।। Topic India



इस्लामाबाद: एक पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब की कश्मीर के हालात पर चर्चा के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक बुलाने की योजना है।



पाकिस्तानी अखबार डॉन ने बताया, इसकी जानकारी खुद सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने गुरुवार को विदेश कार्यालय में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात कर दी है।






अखबार ने बताया कि प्रिंस फैसल एक दिन की पाकिस्तान यात्रा पर थे, जिसमें खाड़ी देशों के आरक्षण के मद्देनजर मुस्लिम राष्ट्रों के हाल ही में आयोजित कुआलालंपुर शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने के लिए पाकिस्तान का आभार व्यक्त किया गया था।





विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, “दोनों विदेश मंत्रियों ने कश्मीर के कारण की उन्नति में ओआईसी की भूमिका पर चर्चा की।”



कुरैशी ने 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के भारत के कदम के बाद कश्मीर में स्थिति पर प्रिंस फैसल को जानकारी दी।



उन्होंने कहा कि सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019) और NRC (नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर) और भारत में अल्पसंख्यकों के व्यवस्थित लक्ष्यीकरण के संबंध में भारत सरकार के कार्यों पर प्रकाश डाला गया,।



OIC पाकिस्तान सहित मुस्लिम बहुसंख्यक देशों का 57 सदस्यीय समूह है। यह संगठन आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है और अक्सर कश्मीर मुद्दे पर इस्लामाबाद के साथ पक्ष रहता है।
एक संक्षिप्त बयान में, पिछले हफ्ते ओआईसी ने कहा कि हम “भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यक को प्रभावित करने वाले हाल के घटनाक्रमों का बारीकी से अध्यन कर रहे है।”



प्रिंस फैसल ने प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुलाकात की। बैठक में विदेश मंत्री कुरैशी, विदेश सचिव सोहेल महमूद, जासूसी एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले साल भुगतान संकट के संतुलन से निपटने के लिए प्रधान मंत्री खान की सरकार को वित्तीय सहायता दी है

मुस्लिम देशों की OIC ने ब्लॉग लिख कर दी भारत को धमकी 57 देशों की ओईसी अंतरराष्ट्रीय कानून का भी हवाला दिया, ।। Topic India

भारत मे बने कानून CAA नागरिकता संसोधन एक्ट मो लेकर (OIC) ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने सख्त मुख़ालिफत की थी



India: आइये विस्तार से जानते हैं ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने क्या कहा है बाबरी मस्जिद और Citizen Amendment Act सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट (CAA) को लेकर






OIC ने अपनी वेबसाइट पर ब्लॉग लिख के ट्वीट किया है



ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के जनरल सेक्रेटरी ने भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को प्रभावित करने वाले हाल के घटनाक्रमों का बारीकी से पालन किया है।  यह नागरिक के अधिकार और बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दे से संबंधित हाल के घटनाक्रम पर OIC अपनी चिंता व्यक्त करता है।  एवं मुस्लिम अल्पसंख्यक की सुरक्षा और भारत में इस्लामिक पवित्र स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने आह्वान को दोहराता है।






 सामान्य सचिवालय संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में निहित सिद्धांतों और दायित्वों को बनाए रखने के महत्वपूर्ण महत्व और प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय वाचाओं की पुष्टि करता है जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों की गारंटी देता है।





 इस संबंध में, कोई भी कार्रवाई, इन सिद्धांतों और दायित्वों के विपरीत, आगे तनाव पैदा कर सकती है और पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।





OIC ने अपने ब्लॉग में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र का हवाला भी दिया सीधे सब्दों में कहें तो OIC ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र का हवाला देते हुए भारत को धमकाया भी 

मुस्लिम लड़की को हिन्दू लड़के से शादी करना पड़ा महंगा अब उसके बगल में रहने वाले जज की पत्नी ने भेजा... ।। Topic India

मुस्लिम लड़की को  हिन्दू लड़के से शादी करना पड़ा महंगा अब उसके बगल में रहने वाले जज की पत्नी ने भेजा... ।। Topic India



मुस्लिम लड़की ने हिन्दू लड़के से शादी की उसकी 4 साल की बेटी है उसे उसके पड़ोस के जज की पत्नी कर रही प्रताड़ित साथ उसके पति को भेजवा दिया जेल जब कहीं न सुनवाई हुई पीड़िता की तो पूर्व जज मार्केंडेय कटुजु को ईमेल द्वरा सुनाई अपनी आपबीती


पढ़े लड़की की जुबानी


सर मैं एक मुस्लिम लड़की हूँ और मेरे हसबैंड एक हिन्दू हैं हमारी चार साल की एक लड़की है हमारे पड़ोस में एक मजिस्ट्रेट (जज) रहते हैं उनकी पत्नी आए दिन हमारा मजाक बनाती रहती हैं।


कहती हैं हम समाज से निकाले हुई लोग हैं हम भगोड़े हैं क्योंकि हमने इंटर रिलीज़न मैरिज करी है और कहती हैं कि मेरे हसबैंड हिन्दू के  आम पर कलंक है उनको चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए उन्होंने अपने धर्म का मान नहीं रखा मास मछली खाने वाली से शादी करली।



सर हमारी तीन चार दिन पहले इन्ही सब बातों पर लड़ाई हो गयी, जज की पत्नी  ने पुलिस बुला लिया बहुत से झूठे इलजाम भी लगाई उसने पुलिस से कहा कि, मेरे हसबैंड पे उसपे हाथ उठाया उनके घर मे घुस गई... वगैरा वगैरा।



सर पुलिस आई और मेरे हसबैंड को ले गयी मुझे कुछ समझ में नहीं आया मैं क्या करूँ, पुलिस ने एक बार भी मुझसे नहीं पूछा ना ही आस पड़ोस के लोगो से, यहां पर सब इससे डरते हैं क्योंकि वो मजिस्ट्रेट है.



सर वो ब्राह्मण कास्ट है और इस बात का उन्हें बहुत ही ज्यादा घमंड है, सर हमें नीच लोग कहके बुलाते हैं कहते हैं हमारी कोई औकात नहीं है उनके सामने वो अफसर की बीबी है हम दो कौड़ी के लोग हैं,।



सर हमारी पुलिस और हमारी सरकार हमारा साथ नहीं देता क्या करूँ कहाँ जाऊं????



यह सब उस मुस्लिम लड़की ने पूर्व जज मार्केंडेय कटुजु को लिखा है ईमेल द्वरा जिसकी स्क्रीनशॉट कटुजु ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है कटुजु ने लिखा है “ये ईमेल द्वरा प्राप्त हुआ है”


पूर्व जज ने किया ट्वीट




कमेंट में अपनी राय दे इसपर आप का क्या कहना है 

अब एक और खतरनाक फैसला लेने जा रहा मुसलमानों के खिलाफ क़ुरान और... ।। Topic India

अब एक और खतरनाक फैसला लेने जा रहा मुसलमानों के खिलाफ क़ुरान और... ।। Topic India

Photo From New York Times


चीन : उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के बाद अब चीन एक और दमनकारी फैसला लेने की तैयारी में है. अब चीन बाइबल और कुरान को फिर से लिखने वाला है ताकि इनमें समाजवादी मूल्यों को दर्शाया जा सके. डेली मेल को एक शीर्ष अधिकारी ने बताया है कि इन इस्लामिक और ईसाई धार्मिक किताबों के नए एडिशन में ऐसा कोई भी कंटेंट नहीं होगा जो कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों से मेल नहीं खाता हो.





अधिकारी के मुताबिक जो पार्ट्स सेंसर द्वारा अनुपयोगी समझे जाएंगे उन्हें संशोधित किया जाएगा. कथित तौर पर बाइबल और कुरान का विशेष रूप से जिक्र नहीं किया गया था, लेकिन पार्टी ने ‘मौजूदा धार्मिक क्लासिक्स के व्यापक मूल्यांकन का आह्वान किया, जो उन सामग्रियों को टारगेट करता है जो समय की प्रगति के अनुरूप नहीं हैं.’




यह ऑर्डर नवंबर महीने में नेशनल कमेटी ऑफ द चाइना पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस कि जातीय और धार्मिक समिति की एक बैठक में पास किया गया था. यह समिति चीन में जातीय और धार्मिक मामलों की देखरेख करती है. अधिकारियों से ‘चीनी विशेषताओं के साथ एक धार्मिक प्रणाली’ बनाने का आग्रह किया गया है. यह सब, चीन को ‘चरमपंथी’ और ‘विधर्मी विचारों’ को रोकने के लिए किया गया है.



कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता रहा है कि कम से कम एक लाख उइगरों और अन्य मुसलमानों को सुदूर-पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में डिटेंशन सेंटर्स में रखा गया है. सेंटर्स में उनके इलाज और बेरहम हत्याओं की खबरें भी आती रही हैं. हालांकि चीन इन कैंप्स को वोकेशनल एजुकेशन सेंटर्स (व्यावसायिक शिक्षा केंद्र) बताता रहा है. इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन देश में बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित तरीके से मुसलमानों का दमन कर रहा है.

मुसलमानों पर जुल्मढाह रही उत्तर प्रदेश की पुलिस, पुलिस के जुल्म से अभी तक हुई इतनी मौतें ।। Topic India

मुसलमानों पर जुल्मढाह रही उत्तर प्रदेश की पुलिस, पुलिस के जुल्म से अभी तक हुई इतनी मौतें
तस्वीर UP 20 दिसम्बर


नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में सबसे ज़्यादा अजीब रवैया यूपी पुलिस का देखने को मिला यहां इन प्रदर्शनों के दौरान 16 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले 16 में से 14 लोगों की मौत गोली लगने से हुई. अख़बार से इस बात की पुष्टि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने की है


बाकी के दो लोगों में फ़िरोज़ाबाद में राशिद की मौत सिर पर चोट लगने से और वाराणसी में आठ वर्षीय मोहम्मद सगीर की मौत भगदड़ में दबने से हुई


लोगों की मौत गोली लगने से हुई है उनकी पहचान इस प्रकार की गई है.

मोहम्मद वकील (32 साल) लखनऊ,
आफ़ताब आलम (22 साल) और
मोहम्मद सैफ़ (25 साल) कानपुर में
अनस (21 साल) और सुलैमान (35 साल) बिजनौर में
बिलाल (24 साल) और मोहम्मद शेहरोज़ (23 साल) संभल में,
जहीर (33 साल),
आसिफ़ (20 साल) और
आरिफ़ (20 साल) मेरठ में,
नबी जहान (24 साल) फ़िरोज़ाबाद में
और फ़ैज़ ख़ान (24 साल) रामपुर में


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर में 58 दुकानों पर नोटिस चिपका कर दिए गए कि तत्काल एक करोड़ रुपए जुर्माना जमा कराए।। Topic India

ये कैसा कानून

कानून के जानकार बताएं कि किस अधिकार से जिलाधिकारी को न्यायिक शक्तियां प्राप्त होती हैं।


उत्तर प्रदेश के मुजफ्फनगर में 58 दुकानों पर नोटिस चिपका कर दिए गए कि तत्काल एक करोड़ रुपए जुर्माना जमा कराए अन्यथा उनकी दुकानों की सार्वजनिक नीलामी 30 दिसम्बर से शुरू कर दी जाएगी।



पीड़ितो के नाम हम इसलिए नहीं लिख रहे क्योंकि फिर उसमे कुछ दोस्त धर्म तलाश करने लगेंगे और हम #हिन्दू #मुस्लिम जैसा कुछ नहीं मानते।



बिना कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए किसी भी नागरिक की सम्पत्ति यदि एक्सिक्यूटिव पॉवर के तहत सरकार द्वारा कुर्क की जा सकती हैं तो क्या इन्हीं शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए किसी को भी विदेशी अथवा घुसपैठियों घोषित करके डिटेंशन सेंटर में नहीं डाला जा सकता ?



हिटलर के समय में तो ऐसे होलोकास्ट सुने थे लेकिन अब तो समाज काफी सभ्य हो चुका है !

इसे कहते है ज़हर।एक ऐसे आदमी के विरुद्ध आपके भीतर नफ़रत भर दी गयी है।। Topic India

मैं आपके दिल का हाल जानता हूँ।आप एन आर सी प्रकिया का समर्थन अवैध रूप से देश में घुसे लोगों को पकड़ने के लिए नहीं करते बल्कि एक विशेष वर्ग के लोगो को डिटेंशन सेंटर में डाल देने के आपके ऊलजलूल सपने है।

तनवीर हैदराबाद में NRC CAA के खिलाफ रैली


ज़रा सोचिये आपके यह सपने क्यों है?इस सपने से आपको क्या हासिल है?आपके पास यह सपना आया कहाँ से?

इन सब सवालों को टटोलिये।सोचिए अगर कोई आदमी डिटेंशन सेंटर में डाल भी दिया जाए तो आपको क्या हासिल है?



इसे कहते है ज़हर।एक ऐसे आदमी के विरुद्ध आपके भीतर नफ़रत भर दी गयी है जिससे आपका कोई ताल्लुक भी नहीं है।



अगर आपके सारे सपने पूरे हो गए तो डिटेंशन सेंटर में कौन लोग डाले जाएंगे?



मैं आपको बताता हूँ कौन लोग डाले जाएंगे।


धार्मिक कट्टर कौन होता है?जिनके पेट भरे होते है।सुबह उठकर दिहाड़ी मज़दूरी को निकले लोग आपने कभी कट्टर देखें है?



आप क्या समझते है,असादुद्दीन ओवेसी एन आर सी में बाहर हो जाएंगे?ज़ाकिर नायक का परिवार एन आर सी में बाहर हो जाएगा?सलमान खान एन आर सी से बाहर होकर डिटेंशन सेंटर जाएंगे?फॉर्च्यूनर कार में घूमने वाले मुस्लिम एन आर सी में बाहर होंगे?और अंत में मैं आपके खिलाफ कहता हूं तो आपको क्या लगता है मैं डिटेंशन सेंटर चला जाऊंगा।



मेरे पास एन आर सी प्रक्रिया असम में मांगे गए दस्तावेज में से आधे दस्तावेज उपलब्ध है जो 1910 के पहले तक का रिकॉर्ड देते है।और मेरे आधे रिश्तेदारों के पास अठारवीं शताब्दी तक के दस्तावेज है।



जितने सम्पन्न मुस्लिम मुझे मिले है उन सब के पास एन आर सी के मांगे सारे दस्तावेज है।उनके बाप दादा सरकारी सेवाओं में थे,वह एक ही शहर कस्बे में रहने वाले जमे जमाए लोग है।



फिर आपके सपनो के डिटेंशन सेंटर में जाएगा कौन?वह जाएगा जो समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा अंतिम व्यक्ति है।जिसे आपकी यह हिन्दू मुस्लिम की कट्टरता से चवन्नी का भी लेना देना नहीं है।वह तो आपके घरों में और फुटपाथ पर बने डिवाइडर की पुताई कर,दिनभर शहर की सड़कों पर ऑटो चला कर शाम में घर लौट अपने बीवी बच्चों का पेट पालने की फिराक में है।



आप किन लोगों को डिटेंशन सेंटर भेजने का सपना देखते है,आपकी सारी इंसानी संवेदनाएं मर गयी क्या?ज़रा कल्पना तो कीजिए आप नफ़रत में कितने अंधे हो गए है।जो लोग बाय चांस उन्हें किसी न किसी धर्म में पैदा होना ही था सो हो गए जिन्हें आपकी कट्टरता से रत्तीभर लेना देना नहीं आप वंचित लोगो से जिनसे पहले व्यवस्था सबकुछ छीन कर बैठी है आप उनसे नागरिकता भी छीन लिए जाने के ज़हरीले सपने देखते है?ज़रा सोचिए तो सही क्या यह लड़ाई हिन्दू मुस्लिम की है या फिर अमीर गरीब की?आप किन लोगों से मिट्टी का अधिकार लेना चाहते है जो गांव कस्बे में रहते है तो भूमिहीन खेतिहर मज़दूर और शहरों में रहते है तो दो कमरे के किराए के घर में।आपको रानू मंडल की गरीबी पर दया आती है, समझ लीजिए रानू मंडल जैसे ही आपके सपनो के डिटेंशन सेंटर में जाएंगे।



अगर यही आपके सपने है तो फिर आप नफ़रत के ज़हर में अंधे हो चुके है जो नितांत संवेदनहीन पुतला रह गया है।



Post From Shadab Salim

मुस्लिम लड़की ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ से गोल्ड मेडल ठुकराया,लेकिन हिजाब नहीं उतारा ।। Topic India

पांडिचेरी: मुस्लिम लड़की ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ से गोल्ड मेडल ठुकराया,लेकिन हिजाब नहीं उतारा

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नई दिल्ली: पांडुचेरी विश्वविद्यालय की एक मुस्लिम छात्रा, जो एक स्वर्ण पदक विजेता भी है, को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के साथ मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत समारोह में शामिल होने से मना कर दिया गया था, क्योंकि उसने अपने हिजाब को हटाने से इनकार कर दिया था।


छात्रा ने दावा किया कि उसे सुरक्षा बलों ने रोक दिया क्योंकि उसने अपना हिजाब हटाने से इनकार कर दिया था।
उसने यह भी कहा कि जब वह बाहर कदम रखने के लिए कहा गया तो वह अन्य छात्रों के साथ सभागार में बैठी थी।



जिसके बाद उसे कथित तौर पर इवेंट के दौरान अपने हिजाब को हटाने के लिए कहा गया। उसके मना करने के बाद, उसे सभागार के बाहर बैठने के लिए कहा गया।




राष्ट्रपति के जाने के बाद, विभाग के कर्मचारियों ने बाकी प्रमाण पत्र वितरित किए। छात्रा ने तब स्वर्ण पदक स्वीकार करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसे लगा कि वह सार्वजनिक रूप से अपमानित है। उसने केवल प्रमाण पत्र स्वीकार किया।


एक बात तो तय है इस लड़की ने धर्म के आधार पर भेदभाव करने वाले विश्विद्यालय परिसर को करारा जवाब दिया है। उसने गोल्ड मेडल ठुकरा दिया लेकिन अपने ईमान का सौदा नहीं किया। इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर इस लड़की की जमकर तारीफ हो रही है अभी तक हमे इसका नाम पता नहीं चला लेकिन जल्द ही हम अपडेट करेंगे। लेकिन विविधता में एकता वाले देश में धर्म के आधार पर इस प्रकार का भेदभाव क्या जायज है ?



इस पर सवाल और भी ज्यादा इसलिए भी खड़े हो रहे है क्यों की इस प्रोग्राम में मुख्य अतिथि देश के राष्ट्रपति थे।और मुस्लिम छात्रा को इस प्रोग्राम में अपना ही जीता हुआ गोल्ड मेडल पाने के लिए हिजाब उतारने के लिए मजबुर किया गया जबकि उसने साफ इंकार कर दिया।



राष्ट्रपति राम कोविंद खुद को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए जब उनकी पार्टी के नेता और सांसद धार्मिक वेशभूषा में सदन में प्रवेश कर सकते है तो फिर एक मुस्लिम लड़की हिजाब के साथ अपना अवॉर्ड क्यों नहीं ले सकती।

CAA NRC के समर्थन में क़तर में रह रहा भारतीय डॉक्टर ने की भारतीय मुसलमानों पर विवादास्पद टिप्पणी पड़ा नौकरी से हाथ धोना।। Topic India

CAA NRC के समर्थन में क़तर में रह रहा भारतीय डॉक्टर ने की विवादास्पद टिप्पणी पड़ा से हाथ धोना

डॉ अजित श्रीधरन की फेसबुक पर टिप्पणी


आरएसएस विचारधारा के लोग खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय मुसलमानों पर कर रहे आपत्तिजनक टिप्पणी कई लोग हुई नौकरी से ससपेंड



क़तर से आ रही चिंताजनक खबर 



क़तर में नसीम हेल्थकेयर ग्रुप में बतौर डॉक्टर के काम कर रहे । डॉ अजित श्रीधरन ने राजनीतिक मामलों पर भारतीय मुसलमानों पर की अपनी विवादास्पद टिप्पणी मामला सोशल मीडिया पर वायरल के बाद कंपनी को डियां इस्तीफा बाद में कंपनी ने भी नोटिस जारी कर के दी जानकारी



पढ़े अनुवाद कंपनी ने क्या कहा




"बता दें कि, डॉ अजित श्रीधरन ने राजनीतिक मामलों पर अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के बाद, तत्काल प्रभाव से नसीम हेल्थकेयर ग्रुप के विशेषज्ञ - हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है:





प्रबंधन आपकी ओर से ध्यान दिलाना चाहता है कि डॉ द्वारा दिया गया बयान।  । अजित श्रीधरन विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत हैं और प्रबंधन के ज्ञान के लिए नहीं हैं या किसी भी तरह से समूह के विचारों को प्रतिध्वनित नहीं करते हैं।  जैसा कि आप सभी जानते हैं, एक राजनीतिक संगठन होने के नाते, नसीम हेल्थकेयर ग्रुप एक कार्य वातावरण को बनाए रखने के लिए अच्छा अनुशासन, सम्मान और प्रतिबद्ध है, जिसमें सभी व्यक्तियों को किसी भी धर्म, विश्वास, रंग, नस्ल, जातीयता के बावजूद सबसे अधिक सम्मान और सम्मान के साथ समान व्यवहार किया जाता है आर्थिक और राजनीतिक स्थिति।




गौरतलब है कि 22 दिसम्बर को सऊदी अरब के दम्मम में भी ऐसा ही वाकया सामने आया था हरीश बंगरा नाम के व्यक्ति ने पवित्र स्थल काबा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी बाद में सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट वायरल होने के बाद में उसे दम्मम पुलिस द्वरा ग्रिफ्तार कर लिया गया था




यहां क्लिक कर के पढ़े हरीश बंगरा की खबर

बड़ी खबर सऊदी अरब में राह रहा भारतीय व्यक्ति पवित्र स्थल मक्का पर अभद्र टिप्पणी करने वाले हरीश बंगरा को हुई जेल

बड़ी खबर सऊदी अरब में राह रहा भारतीय व्यक्ति पवित्र स्थल मक्का पर अभद्र टिप्पणी करने वाले को हुई जेल

हरीश बंगरा की प्रोफाइल स्क्रीनशॉट 

रियाध। सऊदी अरब के दम्मम में काम कर रहा हरीश बंगरा  भारतीय युवा 22 दिसम्बर 2019 को पवित्र स्थल मक्का में (काबा) के लेकर अभद्र टिप्पणी की थी उसके बाद सोशल मीडिया के यूज़र्स की नाराजगी के बाद सऊदी अरब की दमाम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था



हरीश बंगरा आरएसएस विचारधारा से था उसे यह भी नहीं पता था कि जहां वो काम कर रहा है वो एक इस्लामिक देश है और वहां इस्लामिक कानून हैं उसकी सजा बहुत बुरी हो सकती है



हरीश बंगरा  ने अपने फेसबुक एकाउंट पर लिखा था 



"All my hindu brothers next Ram Mandir in Mecca.. be ready for fight" Jay Sri Ram Modi with us

जिसका हिंदी अनुवाद हुआ 



"मेरे सभी हिन्दू भाई मक्का में अगली राम मंदिर की लड़ाई के लिए तैयार रहे"  जय श्री राम, मोदी मेरे साथ"



हरीश बंगरा यहीं तक नहीं रुका उसने सऊदी अरब के वली अहद मोहम्मद बिन सलमान को "यह कुत्ता कांग्रेस की प्रार्थना से है और अरब का राजा कुत्ता बता दिया



उसने एक पोस्ट में लिखा 



"This dog is from congress pray Saudi Arabia king dog"



इतना सब होने के बाद जब सऊदी के एक पेज Life In Saudi Arabia पर इसकी पोस्ट शेयर की गई पोस्ट वायरल होने के बाद  उसपर जिस कंपनी में हरीश बंगरा काम करता था उस कंपनी को अपनी सफाई देनी पड़ी कंपनी ने कहा है कि हम जीरो टॉलरेन्स रखते हैं और सभी धर्म का सादर सम्मान करते हैं " इस व्यक्ति से कंपनी ने सारे कॉन्ट्रैक्ट तोड़ लिए हैं उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा



गौरतलब है की हरीश बंगरा ने बाद में वीडियो पोस्ट करके माफी मांगी थी रोया गिड़गिड़ाया था पर सोशल मीडिया पर ज्यादा तूल पकड़ने से हरीश बंगरा को कोर्ट से पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है आगे भारतीय दूतावास क्या करता है जैसा होगा हम आप को अपडेट करते रहेंगे


हरीश बंगरा की पोस्ट जिससे उसे जेल हुई


हरीश बंगरा को पुलिस ले जाती हुई जेल